जन्म मिला ढाई अक्षर का धर्म मिला ढाई अक्षर का कर्म किया ढाई अक्षर का मर्म मिला ढाई अक्षर का प्रेम किया ढाई अक्षर का जन्म गँवाया प्रेम न पाया सत्य मिला ढाई अक्षर का.
११ मार्च १९५३ को जन्म.
भोपाल में निवास.
उसी शहर में और अमर टॉकीज (दो उपन्यास)
खोजो तो बेटी पापा कहाँ हैं
फिर वह कविता वही कहानी
एक बूँद का बादल
हम ही हममें खेलें (चार कविता संग्रह)
हिचकी (एक कहानी संग्रह)
No comments:
Post a Comment